Bas Ek Dhadak (feat. Shreya Ghoshal)

Jubin Nautiyal

चाँद का गुरूर मिट गया
तू मुझे ज़मीन पे दिख गया
शायरों ने हार मान ली
तुझपे मैं वो नज़्म लिख गया

एक भटके हुए काफ़िये की तरह
तेरे चेहरे पे मैं रुक गया

मोहब्बत का मेरी ये पहला सफ़र है
ज़मीन से फ़लक चाहिए
जो नींदें उड़ा दे, ना सोने दे मुझको
वो मीठी तड़प चाहिए

उम्र भर निभाएगी जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए
मोहब्बत का मेरी ये पहला सफ़र है
ज़मीन से फ़लक चाहिए

उम्र भर निभाएगी जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए
बस एक धड़क चाहिए
बस एक धड़क चाहिए

मैं कुछ भी नहीं थी, मिली जब से तुम से
मुझे ज़िंदगी मिल गई
तेरी रौशनी की नज़र जो पड़ी तो
मेरी हर खुशी खिल गई
तू मेरा क्या है, कैसे बताऊँ तुझे?
मैं बस तेरी हूँ, इतना पता है मुझे

जो कभी उड़ रहा था पतंग की तरह
तेरी बातों से मैं कट गया

मोहब्बत का मेरी ये पहला सफ़र है
ज़मीन से फ़लक चाहिए
जो नींदें उड़ा दे, ना सोने दे मुझको
वो मीठी तड़प चाहिए
उम्र भर निभाएगी जो साथ मेरा
बस एक धड़क चाहिए

हो-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ
हो-ओ, ओ-ओ, ओ
हो-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ
हो-ओ, ओ-ओ, ओ
बस एक धड़क चाहिए
बस एक धड़क चाहिए

Informações da música

Composição: Rashmi Virag e Javed-Mohsin

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